02

परछाइयों से बाहर

गली में पसरा हुआ सन्नाटा अब और भी ज्यादा भारी लगने लगा था। स्ट्रीटलाइट की पीली रोशनी में वो अजनबी बस कुछ ही कदमों की दूरी पर खड़ा था। आयशा और उस अनजान शख्स के बीच हुआ वो आई कॉन्टैक्ट जैसे वक्त को थाम चुका था। आयशा के दिल की धड़कन इतनी तेज़ हो चुकी थी कि उसे अपने कानों में उसकी आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही थी।

वह चाहकर भी अपनी नज़रें उस आदमी से हटा नहीं पा रही थी। उसकी आँखें इतनी डार्क और इंटेंस थीं, जैसे कोई गहरा समंदर हो जिसमें डूब जाने का खतरा भी हो और एक अजीब सा नशा भी। आयशा का दिमाग उसे चीख-चीख कर कह रहा था कि वहां से भाग जाए, यह कोई नॉर्मल सिचुएशन नहीं है। किसी भी सुनसान गली में एक अजनबी का इस तरह घूरना एक रेड फ्लैग था। लेकिन उसका शरीर जैसे लकवा मार गया हो। वह अपनी जगह से एक इंच भी नहीं हिल पा रही थी।

अहान ने परछाइयों से बाहर एक कदम निकाला। स्ट्रीटलाइट की रोशनी अब उसके चेहरे पर पड़ रही थी। आयशा ने पहली बार उसके फीचर्स को क्लियरली देखा। शार्प जॉलाइन, बिखरे हुए काले बाल और एक ऐसा औरा जो बहुत ही डोमिनेटिंग था। उसने जो लंबा ब्लैक ट्रेंच कोट पहना हुआ था, वह इस मॉडर्न शहर के फैशन से काफी अलग लग रहा था।

"तुम..." अहान के होंठ हिले और एक बहुत ही भारी, डीप और मैग्नेटिक आवाज़ गली में गूंज उठी। उसकी आवाज़ में एक अजीब सा चार्म था जो सीधे आयशा के दिमाग पर असर कर रहा था।

अचानक, आयशा के हाथ से उसका फोन और पर्स छूटकर नीचे ज़मीन पर गिर गया। उस गिरने की आवाज़ ने आयशा के उस ट्रांस को तोड़ दिया। वह जैसे नींद से जागी। डर और पैनिक ने तुरंत उस अजीब सी कशिश की जगह ले ली।

"ओह शिट!" आयशा ने घबराहट में नीचे झुककर अपना सामान समेटा। उसके हाथ बुरी तरह कांप रहे थे। बिना उस अजनबी की तरफ दोबारा देखे, उसने अपने कदम तेज़ कर लिए और लगभग दौड़ते हुए अपने अपार्टमेंट की बिल्डिंग की तरफ बढ़ने लगी।

अहान वहीं खड़ा रहा। उसने आयशा को भागते हुए देखा। उसका पहला इंस्टिंक्ट था कि वह उसे रोक ले, उसे बताए कि वह कौन है और वह यहाँ क्यों आया है। लेकिन उसे पता था कि ह्यूमन वर्ल्ड के लोग बहुत ही फ्रैजाइल और आसानी से डर जाने वाले होते हैं। अगर वह अचानक से जाकर उसे मैजिकल वर्ल्ड की बातें बताएगा, तो वह पक्का उसे कोई साइको या पागल ही समझेगी।

आयशा बस किसी तरह अपने अपार्टमेंट के सेफ ज़ोन में पहुंचना चाहती थी। उसकी बिल्डिंग का गेट बस कुछ ही दूर था। तभी, पीछे से एक बहुत ही तेज़ आवाज़ आई। एक बाइक, जिसे कोई नशे में धुत्त लड़का चला रहा था, रॉन्ग साइड से फुल स्पीड में उसी संकरी गली में घुस आई थी। बाइक की हेडलाइट सीधे आयशा की आँखों पर पड़ी, जिससे वह पूरी तरह ब्लाइंड हो गई।

बाइक अनकंट्रोल्ड थी और सीधे आयशा की तरफ आ रही थी। आयशा के पैर जैसे ज़मीन से चिपक गए। वह चीखना चाहती थी, लेकिन गले से आवाज़ ही नहीं निकली। उसने डर के मारे अपनी आँखें कसकर बंद कर लीं और किसी दर्दनाक टक्कर का इंतज़ार करने लगी।

लेकिन वह टक्कर कभी नहीं हुई।

एक सेकंड के सौवें हिस्से में, हवा का एक बहुत तेज़ झोंका आया। किसी ने आयशा की कमर में अपना मजबूत हाथ डाला और उसे एक झटके में खींचकर किनारे कर दिया। बाइक पूरे ज़ोर से हवा को चीरते हुए उनके बिल्कुल बगल से निकल गई।

आयशा की सांसें तेज़ चल रही थीं। उसने धीरे से अपनी आँखें खोलीं। वह ज़मीन पर नहीं गिरी थी, बल्कि वह किसी की बाहों में थी। जब उसने अपना सिर उठाया, तो देखा कि वह वही अजनबी था।

अहान के चेहरे पर कोई डर या घबराहट नहीं थी, बल्कि उसकी आँखों में उस बाइकर के लिए एक खतरनाक गुस्सा था। लेकिन जैसे ही उसने आयशा की तरफ देखा, वह गुस्सा एक अजीब सी सॉफ्टनेस में बदल गया।

"तुम ठीक हो?" अहान ने बहुत ही धीमी और केयरिंग आवाज़ में पूछा।

जैसे ही अहान ने आयशा को छुआ था, आयशा के शरीर में एक अजीब सी बिजली दौड़ गई थी। वह कोई नॉर्मल टच नहीं था। ऐसा लगा जैसे किसी ने उसके अंदर कोई स्विच ऑन कर दिया हो। उसकी स्किन पर जहाँ अहान का हाथ था, वहां एक हल्की सी गर्माहट और झुनझुनाहट महसूस हो रही थी। एक सेकंड के लिए, आयशा को लगा जैसे अहान के हाथ से एक हल्की सी नीली रोशनी निकली थी, लेकिन उसने पलक झपकाई और वह रोशनी गायब हो गई।

"मैं... मैं ठीक हूँ," आयशा ने हड़बड़ाते हुए कहा और तुरंत अहान की बाहों से खुद को दूर कर लिया। वह अभी भी शॉक में थी। कोई इंसान इतनी जल्दी, इतनी स्पीड से कैसे मूव कर सकता है? वह तो उससे काफी दूर खड़ा था!

"तुम्हें ध्यान रखना चाहिए। यह शहर रात के वक्त सेफ नहीं है," अहान ने अपनी जेब में हाथ डालते हुए कहा। उसका लहजा ऐसा था जैसे वह आयशा को सालों से जानता हो और उसे प्रोटेक्ट करना उसकी ज़िम्मेदारी हो।

"थैंक्स... मुझे बचाने के लिए," आयशा ने अपने कोट को ठीक करते हुए कहा। उसकी आवाज़ अभी भी कांप रही थी। "पर... आप इतनी जल्दी वहां से यहाँ कैसे आ गए?"

अहान के चेहरे पर एक हल्की सी, मिस्टीरियस स्माइल आ गई। "मैं बस सही वक्त पर सही जगह था।"

आयशा को यह जवाब बिल्कुल कन्विंसिंग नहीं लगा, लेकिन इस वक्त वह और कोई सवाल पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। उसका दिमाग ओवरड्राइव में चल रहा था। यह आदमी उसे कुछ अजीब वाइब्स दे रहा था। डरावनी भी, और साथ ही बहुत फैमिलियर भी।

"मुझे... मुझे जाना चाहिए। मेरा अपार्टमेंट यहीं पास में है," आयशा ने पीछे हटते हुए कहा।

"मुझे पता है," अहान के मुंह से अचानक निकल गया।

आयशा के कदम वहीं रुक गए। उसने चौंककर अहान की तरफ देखा। "क्या मतलब आपको पता है? आप मुझे कैसे जानते हैं? आप कौन हैं?"

अहान को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने कुछ ज्यादा ही जल्दी सब कुछ रिवील कर दिया था। उसने एक गहरी सांस ली और आयशा की आँखों में देखते हुए कहा, "अभी के लिए बस इतना जान लो कि मैं तुम्हारा कोई दुश्मन नहीं हूँ, आयशा। मैं यहाँ तुम्हें प्रोटेक्ट करने आया हूँ।"

आयशा का दिमाग सुन्न हो गया। उसने अपना नाम इस अजनबी को नहीं बताया था। उसने कोई आई-डी कार्ड भी नहीं पहना था। फिर इस आदमी को उसका नाम कैसे पता चला?

"मुझे फॉलो मत करना!" आयशा ने घबराकर लगभग चिल्लाते हुए कहा। और इसके बाद वह बिना कोई और बात सुने, मुड़ी और अपनी बिल्डिंग की तरफ पूरी स्पीड से भागने लगी। उसने मेन गेट खोला, अंदर घुसी और दरवाज़ा ज़ोर से बंद कर दिया।

अहान ने उसे रोका नहीं। वह बस वहीं अंधेरे में खड़ा रहा और आयशा को जाते हुए देखता रहा। उसे पता था कि उसने उसे डरा दिया है, लेकिन कम से कम अब आयशा पूरी तरह से सेफ थी।

आयशा सीढ़ियां चढ़कर अपने थर्ड फ्लोर के अपार्टमेंट में पहुंची। उसके हाथ इतनी बुरी तरह कांप रहे थे कि चाबी को ताले में घुसाना भी एक टास्क लग रहा था। किसी तरह दरवाज़ा खुला, वह अंदर गई और तुरंत दरवाज़ा लॉक करके उसे अंदर से बोल्ट कर दिया। वह दरवाज़े से टिक कर बैठ गई और लंबी-लंबी सांसें लेने लगी।

"यह क्या था? वह कौन था? उसे मेरा नाम कैसे पता?" आयशा अपने बालों में हाथ फेरते हुए खुद से बड़बड़ाने लगी। उसने पास रखी पानी की बोतल उठाई और एक ही बार में आधा पानी पी गई।

वह उठकर अपनी खिड़की के पास गई और पर्दे के एक छोटे से गैप से नीचे गली में झांककर देखा। वहां कोई नहीं था। वह अजनबी जा चुका था। गली बिल्कुल खाली और शांत थी।

आयशा ने अपने हाथ को देखा जहाँ अहान ने उसे पकड़ा था। वह गर्माहट, वह स्पार्क अभी भी वहां महसूस हो रहा था। उसे लगा जैसे वह अपना दिमागी संतुलन खो रही है। या तो वह बहुत ज्यादा स्ट्रेस में थी, या फिर आज रात कुछ ऐसा हुआ था जो इस आम दुनिया के लॉजिक से बिल्कुल परे था।

नीचे, उस खाली गली से कुछ दूर, अहान एक बिल्डिंग की छत पर खड़ा था। इस हाइट से पूरा शहर और आयशा की खिड़की उसे साफ़ नज़र आ रही थी। उसने अपनी आँखें बंद कीं और अपने माइंड को उस मैजिकल डायमेंशन से कनेक्ट किया।

उसकी उंगलियों से एक हल्की सी जामुनी रोशनी निकली और हवा में घुल गई।

"मुझे वो मिल गई है," अहान ने टेलीपैथिकली हाई प्रीस्ट को मैसेज भेजा।

कुछ ही सेकंड्स में उसके दिमाग में हाई प्रीस्ट की भारी आवाज़ गूंजी। "क्या तुमने उसे सब सच बता दिया?"

"नहीं," अहान ने ठंडी हवा को अपने चेहरे पर महसूस करते हुए जवाब दिया। "वह अभी तैयार नहीं है। ह्यूमन वर्ल्ड ने उसे बहुत कमज़ोर और डरा हुआ बना दिया है। उसे अपनी असलियत का कोई अंदाज़ा नहीं है।"

"हमारे पास ज्यादा वक्त नहीं है, अहान। डार्क फोर्सेस को जल्द ही पता चल जाएगा कि मेट मिल चुकी है। वो लोग उसे ढूंढने इस दुनिया में भी आ सकते हैं। तुम्हें जल्दी उसका ट्रस्ट जीतना होगा और उसकी पावर्स को जगाना होगा," प्रीस्ट की आवाज़ में एक सीरियस वॉर्निंग थी।

"मैं उसे कुछ नहीं होने दूंगा," अहान ने दृढ़ निश्चय के साथ कहा। उसने अपनी आँखें खोलीं और आयशा की खिड़की की तरफ देखा जहाँ अभी भी रोशनी जल रही थी।

"कल... कल से सब कुछ बदल जाएगा," अहान ने खुद से कहा और एक ही पल में वो उस छत से गायब हो गया, पीछे सिर्फ हवा का एक तेज़ झोंका और एक हल्की सी मैजिकल स्पार्क छोड़कर।

Human World अभी भी अपनी उसी रफ्तार से चल रहा था, बिना इस बात से अनजान कि उनकी दुनिया में मैजिक कदम रख चुका है और एक बहुत बड़े तूफान की शुरुआत हो चुकी है। आयशा की वो बोरिंग और सिंपल लाइफ अब हमेशा के लिए खत्म हो चुकी थी।

Write a comment ...

Pocket Tales

Show your support

📝 Your Reviews Matter Your genuine feedback helps me grow as a writer. Feel free to share your thoughts in the comments — I read every one! 🫶 ❤️ Support & Motivation If you’re enjoying the stories, show some love with a comment or share. It fuels my passion and encourages me to bring you more exciting content! ✨ I'm new to the writing world, and your support truly means the world to me. Thank you for being a part of this journey! #PocketTales #StoryLovers #IndianWriters #SupportWriters

Write a comment ...

Pocket Tales

Read Our Stories on Pratilipi for free. Link in the description!

Pinned