आर्यन को खुद नहीं पता था कि वो क्या कर रहा था। शायद यह उस रात की गहरी खामोशी का असर था... या शायद ये बस 'काव्या' थी। उसके इतने करीब। इतनी अनचाही रूप से आकर्षक।
आर्यन के गर्म होंठों ने फिर से काव्या की नाज़ुक गर्दन ढूँढ ली... कोमल, गर्म, और जंगली गुलाबों की तरह थोड़ी महकती हुई। आर्यन का बड़ा सा हाथ उसकी नंगी कमर पर था, उसकी खुरदरी उंगलियां काव्या की नर्म त्वचा के खिलाफ मुड़ रही थीं। कभी-कभी वो जानबूझकर थोड़ा और ज़ोर से दबाता—बस काव्या की प्रतिक्रिया महसूस करने के लिए—और हर बार जब वो ऐसा करता, काव्या नींद में उसके चौड़े सीने में और करीब सिमट जाती जैसे वो बस वहीं की हो।










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