वर्मा मेंशन
वर्मा मेंशन की विशाल रसोई में आज बहुत हलचल थी, लेकिन यह किसी खुशी या शोर की वजह से नहीं थी—बल्कि एक भारी दबाव की वजह से थी। और यह दबाव रागिनी आंटी की वजह से था जो आज किसी वन-वुमन आर्मी की तरह अकेले ही सब कुछ संभाल रही थीं। उन्होंने रसोई के मुख्य कर्तव्यों से घर के सभी नौकरों को हटा दिया था, उन्हें केवल बाहर मेहमानों को खाना परोसने के लिए छोड़ दिया था। क्योंकि जब बात पारिवारिक सम्मान और घर आए खास मेहमानों पर प्रभाव डालने की आती थी, तो रागिनी आंटी खुद के अलावा किसी और पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं करती थीं।










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