वर्मा मेंशन
आर्यन अपनी बात कहकर चला गया था, लेकिन काव्या को एक गहरी उलझन में छोड़ गया था। आखिर उसके ब्लाउज़ में खराबी क्या थी? जहाँ तक वो समझ पा रही थी, फिटिंग बिल्कुल सही थी। न ज्यादा टाइट, न ज्यादा ढीला—बिल्कुल किसी भी आम लड़की के ब्लाउज़ की तरह।

वर्मा मेंशन
आर्यन अपनी बात कहकर चला गया था, लेकिन काव्या को एक गहरी उलझन में छोड़ गया था। आखिर उसके ब्लाउज़ में खराबी क्या थी? जहाँ तक वो समझ पा रही थी, फिटिंग बिल्कुल सही थी। न ज्यादा टाइट, न ज्यादा ढीला—बिल्कुल किसी भी आम लड़की के ब्लाउज़ की तरह।

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