काव्या आर्यन के साथ पग-फेरे की रस्म के लिए ग्रोवर मेंशन आई थी। लेकिन जब से उन्होंने घर में कदम रखा था, काव्या के मम्मी-पापा आर्यन को बस हैरानी से देखे जा रहे थे। आर्यन ने एक बार भी अपने फोन से नज़रें नहीं हटाई थीं। वो बस सोफे पर चुपचाप बैठा, बिना किसी भाव के अपनी स्क्रीन को घूरता रहा।
श्वेता जी बार-बार उससे चाय और नाश्ते के लिए पूछ रही थीं, लेकिन आर्यन का बर्ताव ऐसा था जैसे उसे उनकी आवाज़ सुनाई ही न दे रही हो।









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