श्रेया ने झटके से कॉफी कप लिया और बिना कुछ कहे बालकनी की तरफ बढ़ गई। उसकी धड़कनें अब भी तेज़ थीं।
आरव मुस्कुराते हुए बिस्तर पर बैठ गया। उसने हल्के से कहा, "तुम जितना नज़रअंदाज़ करने की कोशिश कर रही हो, उतना ही यह एहसास तुम्हारे करीब आ रहा है।"

श्रेया ने झटके से कॉफी कप लिया और बिना कुछ कहे बालकनी की तरफ बढ़ गई। उसकी धड़कनें अब भी तेज़ थीं।
आरव मुस्कुराते हुए बिस्तर पर बैठ गया। उसने हल्के से कहा, "तुम जितना नज़रअंदाज़ करने की कोशिश कर रही हो, उतना ही यह एहसास तुम्हारे करीब आ रहा है।"

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