मुंबई की रौशनी आँखों में चुभ रही थी।
शौमिक ने कार अपनी बिल्डिंग की पार्किंग में लगाई। तृषा ने एक गहरी अंगड़ाई ली। "Home Sweet Home," उसने मुस्कुराते हुए कहा। "यकीन नहीं होता कि कल रात हम क्या सोच रहे थे और आज हम कहाँ हैं। सब कुछ ठीक हो गया।"

मुंबई की रौशनी आँखों में चुभ रही थी।
शौमिक ने कार अपनी बिल्डिंग की पार्किंग में लगाई। तृषा ने एक गहरी अंगड़ाई ली। "Home Sweet Home," उसने मुस्कुराते हुए कहा। "यकीन नहीं होता कि कल रात हम क्या सोच रहे थे और आज हम कहाँ हैं। सब कुछ ठीक हो गया।"

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