सूरज की किरणें पर्दों के बीच से छनकर तृषा की आंखों पर पड़ीं। उसने अपनी आंखें मिचमिचाईं और करवट ली। उसका हाथ बेड के दूसरी तरफ गया, लेकिन वहां कोई नहीं था। चादर ठंडी थी।
तृषा एकदम से उठ बैठी। सर में हल्का सा भारीपन था—शायद कल रात की वाइन का असर। उसने चारों तरफ देखा। ये उसका कमरा नहीं था। ब्लैक और ग्रे इंटीरियर, लेदर की चेयर... "Oh god," उसने धीरे से कहा। यादें किसी बाढ़ की तरह वापस आईं। बारिश, वाइन, वो इंटेंस बातें और फिर... वो वाइल्ड सेक्स।








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