लिविंग रूम की हवा में सिर्फ़ उन दोनों की भारी सांसों की आवाज़ थी।
शौमिक ने तृषा को अपनी बाहों में उठाया, जैसे वो कोई पंख हो। तृषा ने अपनी टांगें उसकी कमर के इर्द-गिर्द लपेट लीं। उनका किस (kiss) एक पल के लिए भी नहीं टूटा। शौमिक उसे सीधे अपने बेडरूम की तरफ ले गया—वही कमरा जहाँ से कल रात वो आवाज़ें आ रही थीं।








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