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Hot Neighbours

मुंबई की उमस और बारिश के बीच, तृषा ने अपने नए फ्लैट का भारी दरवाजा धकेला और अंदर कदम रखा। "Thank God!" उसके मुंह से निकला। सामने कार्डबोर्ड के boxes का पहाड़ खड़ा था।

तृषा ने एक गहरी सांस ली। 24 साल की उम्र में पुणे से मुंबई शिफ्ट होना और एक बड़ी ऐड एजेंसी में जॉब स्टार्ट करना—ये सब किसी ड्रीम जैसा था। लेकिन अभी के लिए, उसकी हालत खराब थी। बाल बिखरे हुए थे, टी-शर्ट पसीने से चिपकी हुई थी और वो बस बेड पर गिरना चाहती थी।

रात के 9 बज रहे थे। उसने सोचा कि Zomato से कुछ आर्डर कर ले, लेकिन हिम्मत नहीं थी। उसने आखिरी बॉक्स को पैर से धक्का मारा और सोफे पर गिर गई।

तभी, डोरबेल बजी।

टिंग-टोंग!

तृषा एकदम से चौंक गई। "इस वक्त कौन हो सकता है? मैं तो अभी किसी को जानती भी नहीं," उसने बड़बड़ाया। उसने अपने बाल थोड़े ठीक किए, कपड़े सीधे किए और दरवाज़े की तरफ बढ़ी। उसने सोचा शायद वॉचमैन होगा या लैंडलॉर्ड।

जैसे ही उसने दरवाजा खोला, उसकी बोलती बंद हो गई।

सामने वॉचमैन नहीं था। सामने एक 6 फुट लंबा लड़का खड़ा था। और वो सिर्फ लड़का नहीं था—वो बेहद 'hot' था। उसने एक ग्रे कलर की लूज़ टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन रखे थे। उसके बाल ऐसे बिखरे थे जैसे वो अभी सोकर उठा हो, जिसे 'messy hair look' कहते हैं, जो उस पर बहुत सूट कर रहा था।

"Hey," उसकी आवाज़ काफी गहरी और heavy थी। "मैं शौमिक। 402, तुम्हारा नेक्स्ट डोर नेबर।"

तृषा उसे एक पल के लिए घूरते रह गई। "H-Hi," वो थोड़ा हकला गई। "मैं तृषा।"

शौमिक ने एक हल्की सी स्माइल दी। "मैंने देखा तुम आज ही शिफ्ट हुई हो। लिफ्ट के पास तुम्हारा एक कार्टन रह गया था, तो मैंने सोचा बता दूं, नहीं तो वॉचमैन शायद फेंक देता।"

"Oh shit!" तृषा ने माथे पर हाथ मारा। "वो मेरे किचन का सामान है। Thanks बताने के लिए।"

वो जाने ही वाली थी कि शौमिक ने हाथ आगे किया। "रुको, मैं हेल्प कर देता हूं। वो बॉक्स काफी भारी लग रहा था।"

इससे पहले कि तृषा मना करती, शौमिक कॉरिडोर में गया और उस भारी बॉक्स को ऐसे उठाया जैसे वो रुई का बना हो। जब उसने बॉक्स उठाया, तो तृषा ने नोटिस किया कि उसके बाइसेप्स टी-शर्ट में टाइट हो गए थे। "Banda fit hai," तृषा ने मन ही मन सोचा।

उसने बॉक्स को लिविंग रूम में रखा और स्माइल करते हुए मुड़ा। "Welcome to the building, Trisha. अगर चीनी, कॉफ़ी या किसी और चीज़ की ज़रूरत हो... या बोर हो रही हो... तो नॉक कर देना।"

उसने 'बोर हो रही हो' जिस टोन में कहा, उससे तृषा के पेट में अजीब सी गुदगुदी हुई। ये फ़्लर्ट था या बस पोलाइटनेस?

"Thanks, Shoumik. Good night," तृषा ने स्माइल दी।

"Good night."

दरवाज़ा बंद करके तृषा ने अपनी पीठ दरवाजे से लगा ली। "Wow," उसने गहरी सांस ली। मुंबई आते ही इतना hot पड़ोसी? लाइफ सेट है बॉस।

रात के 12 बज चुके थे।

शावर लेने के बाद तृषा अब थोड़ी फ्रेश फील कर रही थी। उसने एक प्यारा सा सिल्क पजामा पहना था और अपने नए बेडरूम में लेटी थी। उसने जानबूझकर वो रूम लिया था जिसकी दीवार शौमिक के फ्लैट से जुड़ती थी, हालांकि उसे उस वक्त नहीं पता था कि वहां कौन रहता है।

रूम में सन्नाटा था, बस एसी की आवाज़ आ रही थी। वो नींद के आगोश में जा ही रही थी कि अचानक...

धप!

दीवार से एक आवाज़ आई। तृषा की नींद उचट गई।

धप! धप! चर्ररर...

ये आवाज़ किसी चीज़ के गिरने की नहीं थी। ये बेड के दीवार से टकराने की आवाज़ थी। एक  rhythm में। और बिल्डिंग की दीवारें इतनी पतली थीं कि उसे साफ समझ आ रहा था।

तभी एक लड़की की आवाज़ आई, जो अपनी सांसें नहीं संभाल पा रही थी।

"Ohhh... Shoumik... baby..."

तृषा की आंखें अंधेरे में फटी की फटी रह गईं। उसका मुंह खुला रह गया। "No way," उसने फुसफुसाया।

उधर से आवाज़ें तेज़ हो गईं। बेड के स्प्रिंग्स की चरमराहट और दीवार पर होती थक-थक की आवाज़ अब पूरे रूम में गूंज रही थी। वो शौमिक था। वो स्वीट और हेल्पफुल पड़ोसी, अभी दीवार के उस पार किसी के साथ वाइल्ड (wild) हो रहा था।

"हम्म... ऐसे ही..." शौमिक की आवाज़ आई। उसकी आवाज़ में एक ऐसा रफ और डॉमिनेटिंग टोन था जिससे तृषा के रोंगटे खड़े हो गए। ये वो पोलाइट आवाज़ नहीं थी जो उसने दरवाजे पर सुनी थी। ये प्योर raw और सेक्सी आवाज़ थी।

तृषा का चेहरा शर्म से लाल हो गया, लेकिन साथ ही एक अजीब सी गर्मी उसे अपने अंदर महसूस हुई। वो चाहकर भी अपने कान बंद नहीं कर पा रही थी। वो इमेजिन करने लगी कि शौमिक उस लड़की के साथ क्या कर रहा होगा। उसका वो फिट शरीर, वो बाइसेप्स..

"Ahhh! Yes! Yes!" लड़की की आवाज़ अब चीख में बदल रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे वो दोनों रुकने के मूड में नहीं हैं।

तृषा ने अपना पिलो अपने सर पर रख लिया, लेकिन वाइब्रेशन दीवार के ज़रिए महसूस हो रहा था। ये कोई नार्मल सेक्स नहीं था, ये इंटेंस और पैशनेट था।

"Damn it," तृषा बड़बड़ाई। उसकी अपनी धड़कनें तेज़ हो गई थीं। उसे लगा जैसे वो वहां उनके साथ कमरे में मौजूद है।

करीब आधे घंटे तक ये सिलसिला चलता रहा। तृषा बेड पर करवटें बदलती रही, पसीने से तर-बतर। आखिर में एक ज़ोरदार आवाज़ और गहरी सांसों के साथ सब शांत हुआ।

कमरे में फिर से सन्नाटा छा गया।

तृषा अंधेरे में छत को घूर रही थी। उसका गला सूख गया था। उसने सोचा था मुंबई में स्ट्रगल होगा, काम होगा... लेकिन उसने ये नहीं सोचा था कि उसकी पहली रात अपने 'hot neighbor' की लव मेकिंग सुनते हुए बीतेगी।

"Nice meeting you, Shoumik," उसने तंज़ sarcasm में खुद से कहा।

कल सुबह लिफ्ट में या कॉरिडोर में शौमिक से नज़रें मिलाना बहुत ही अक्वार्ड और इंट्रेस्टिंग होने वाला था।

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