01

अध्याय 1: ताज का बोझ

मुंबई शहर सुनहरी रोशनी में नहाया हुआ था। सूरज धीरे-धीरे आसमान  के नीचे उतर रहा था, आसमान में नारंगी और लाल रंग घुलने लगे थे। मेहरा इंडस्ट्रीज़ टॉवर की 50वीं मंज़िल पर, श्रेया मेहरा विशाल कांच की खिड़की के पास खड़ी थी। उसकी बाँहें सीने पर बंधी थीं, और उसकी आँखें नीचे की तेज़ रफ़्तार जिंदगी को देख रही थीं। एक ऐसा शहर, जो उसके नाम से कांपता था। एक ऐसा साम्राज्य, जिसे उसने अपनी मेहनत से खड़ा किया था।

लेकिन आज, उसे जीत का अहसास नहीं हो रहा था।

एक घंटे पहले बोर्ड मीटिंग खत्म हो चुकी थी, लेकिन उसके दादा, विक्रम मेहरा, की बात अब भी उसके कानों में गूंज रही थी— "मेहरा इंडस्ट्रीज़ का सीईओ 25 साल की उम्र तक शादीशुदा होना चाहिए। यह हमारी परंपरा है, और तुम इससे अलग नहीं हो, श्रेया।"

परंपरा। यह शब्द उसे बेड़ियों की तरह महसूस हो रहा था। उसने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सालों तक संघर्ष किया था, बिजनेस की दुनिया में अपनी धाक जमाई थी, अपने दादा के साम्राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। लेकिन अब, यह सब किसी मायने का नहीं लग रहा था—केवल एक पुरानी परंपरा के कारण।

दरवाजे पर एक हल्की सी दस्तक हुई।

"अंदर आओ," श्रेया ने सख्त आवाज़ में कहा।

रिया मल्होत्रा, उसकी सेक्रेटरी, अंदर आई। "मैम, मिस्टर विक्रम मेहरा लॉन्ज में आपका इंतजार कर रहे हैं। जाने से पहले वो आपसे मिलना चाहते हैं।"

श्रेया ने गहरी सांस ली। "बिल्कुल। वो ऐसा क्यों नहीं करेंगे?"

रिया के जाने के बाद, उसने एक आखिरी बार शहर की तरफ देखा। दुनिया जीत सकते हो, लेकिन असली लड़ाइयाँ घर से शुरू होती हैं।

प्राइवेट लॉन्ज, जहां पुराने रईसी ठाठ की झलक थी, एक अजीब सी शांति में डूबा हुआ था। विक्रम मेहरा अपने पसंदीदा कुर्सी पर बैठे थे, हाथ में व्हिस्की का ग्लास। उनका व्यक्तित्व हमेशा से प्रभावशाली था, एक ऐसा व्यक्ति जिसे देखकर ही सम्मान झुक जाता था।

"तुम लेट हो," उन्होंने ग्लास टेबल पर रखते हुए कहा।

"मैं काम कर रही थी," श्रेया ने ठंडे लहज़े में जवाब दिया।

"काम ज़रूरी है, लेकिन अपनी विरासत को सुरक्षित रखना उससे भी ज़्यादा," उनके शब्द गहरे थे। "तुम जानती हो कि क्या दांव पर लगा है।"

"मैंने इस कंपनी को अपने बलबूते पर खड़ा किया है, इसे ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। और आप कहते हैं कि मुझे अपनी पोजीशन बचाने के लिए शादी करनी पड़ेगी?" श्रेया की आवाज़ में गुस्सा साफ था।

विक्रम मेहरा ने लंबी सांस ली। "यह सिर्फ कंपनी की बात नहीं है, श्रेया। यह हमारे ख़ानदान की परंपरा है। मेहरा इंडस्ट्रीज़ सिर्फ एक बिजनेस नहीं, एक विरासत है। और हमारी विरासत, परंपराओं से चलती है।"

"तो शायद अब समय आ गया है कि परंपराओं को बदला जाए," श्रेया ने बिना झिझक कहा।

कमरे में सन्नाटा छा गया। कुछ पलों बाद, विक्रम ने शांत लेकिन ठोस आवाज़ में कहा—"तुम्हारे पास एक महीना है।"

श्रेया ने भौंहें चढ़ाईं। "किस चीज़ के लिए?"

"एक पति ढूंढने के लिए," विक्रम मेहरा की आवाज़ में कोई संकोच नहीं था। "अगर एक महीने के अंदर तुम शादी नहीं करती, तो मुझे किसी और को सीईओ बनाना पड़ेगा। और तुम्हें शायद यह जानकर आश्चर्य नहीं होगा कि तुम्हारी जगह लेने के लिए बहुत लोग तैयार बैठे हैं।"

श्रेया की उंगलियां मुट्ठी में बदल गईं। "आप ऐसा नहीं कर सकते।"

"मैं हमेशा वही करता हूँ, जो सही होता है," विक्रम ने कहा, कुर्सी से उठते हुए। "तुम इस दुनिया की सबसे ताकतवर महिला हो सकती हो, लेकिन ताकत भी उन्हीं के पास रहती है जो नियमों का पालन करते हैं।"

वो दरवाज़े की ओर बढ़े और बिना मुड़े बाहर चले गए।

श्रेया वहीं खड़ी रही।

एक महीना।

एक महीना, एक पति।

या फिर सब कुछ खोने के लिए तैयार रहना।

श्रेया मेहरा कभी हार नहीं मानती। और वह इस बार भी हारने वाली नहीं थी।

         🌟 कहानी यहीं खत्म नहीं होती… 🌟

अगर यह अध्याय आपको अच्छा लगा, तो सोचिए आगे क्या होगा!

हर मोड़, हर एहसास और हर अनकही बात का हिस्सा बनने के लिए Pocket Tales को फ़ॉलो करें।

यहाँ आपको सिर्फ़ कहानियाँ नहीं, बल्कि एक ऐसी दुनिया मिलेगी जहाँ किरदार आपकी धड़कनो के साथ चलते हैं और शब्द आपकी आत्मा को छू जाते हैं।

  

Write a comment ...

Pocket Tales

Show your support

📝 Your Reviews Matter Your genuine feedback helps me grow as a writer. Feel free to share your thoughts in the comments — I read every one! 🫶 ❤️ Support & Motivation If you’re enjoying the stories, show some love with a comment or share. It fuels my passion and encourages me to bring you more exciting content! ✨ I'm new to the writing world, and your support truly means the world to me. Thank you for being a part of this journey! #PocketTales #StoryLovers #IndianWriters #SupportWriters

Write a comment ...

Pocket Tales

Read Our Stories on Pratilipi for free. Link in the description!

Pinned